पड़ोसी प्रथमः भारत की मदद से नेपाल के 7 जिलों में मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

by Vimal Kishor

काठमांडू,समाचार10India-रिपोर्ट.शाश्वत तिवारी। भारत ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नेपाल के जमीनी स्तर के विकास में एक और बड़ा योगदान दिया है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और नेपाल सरकार के भूमि प्रबंधन, सहकारी, संघीय मामले और सामान्य प्रशासन मंत्रालय तथा स्थानीय निकायों के बीच 8 ‘हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स’ (एचआईसीडीपी) को पूरा करने के लिए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली 80.3 करोड़ नेपाली रुपये की कुल अनुदान सहायता से इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नेपाल के 4 प्रांतों के 7 जिलों में लागू किया जाएगा।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुनसरी जिले के धरान में स्थित ‘बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान’ का पूरी तरह डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसके अलावा दैलेख में 10-बेड के अस्पताल और सुनसरी के बरजू गांव में 15-बेड के नए अस्पताल भवनों का निर्माण होगा। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में मोरंग जिले में ‘बेलबारी मल्टीपल कैंपस’ के लिए एक आधुनिक शैक्षणिक भवन तैयार किया जाएगा। दूतावास ने बताया कि कृषि क्षेत्र में भोजपुर, धाडिंग, हुमला और स्यांजा जिलों में कृषि उपज संग्रह केंद्र, कोल्ड स्टोरेज, पशुधन केंद्र तथा कृषि संवर्धन केंद्र बनाए जाएंगे।

भारतीय दूतावास ने कहा भारत सरकार ने इन आठ प्रोजेक्ट्स सहित 2003 से नेपाल में 605 एचआईसीडीपी पर काम किया है। इनमें से 512 प्रोजेक्ट्स स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण के क्षेत्रों में पूरे हो चुके हैं, और बाकी प्रोजेक्ट्स लागू होने के अलग-अलग चरणों में हैं। करीबी पड़ोसी होने के नाते, भारत और नेपाल कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सहयोग कर रहे हैं। एचआईसीडीपी का कार्यान्वयन, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के साथ-साथ नेपाल सरकार के विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूत करने में भारत सरकार के निरंतर सहयोग को दर्शाता है।

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