राजस्व जांच में अवैध कब्जा एवं पक्का निर्माण की पुष्टि, पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।

by Vimal Kishor

 

लखनऊ/सीतापुर,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। ग्राम जैतनपुर, थाना कमलापुर, जनपद सीतापुर निवासी प्रमिल कुमार द्विवेदी ने अपनी पैतृक भूमि पर कथित अवैध कब्जा, जबरन पक्का निर्माण एवं चकरोड पर अतिक्रमण के मामले में थाना कमलापुर के प्रभारी निरीक्षक को विस्तृत प्रार्थना-पत्र सौंपकर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

प्रमिल द्विवेदी ने बताया कि उनकी पैतृक भूमि, जिसमें उनका नाम राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज है, पर भूसी यादव तथा उनके पुत्र संदीप यादव, नरेंद्र यादव एवं शिव गोविन्द यादव द्वारा कथित रूप से जबरन अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें भयभीत एवं प्रताड़ित किया गया, जिससे वे अपनी पैतृक भूमि पर वैधानिक अधिकारों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

प्रार्थी के अनुसार इस मामले की जांच के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने विवादित भूमि पर अतिक्रमण, जबरन अवैध कब्जा तथा पक्का निर्माण की पुष्टि की है। इसके बावजूद अभी तक आपराधिक मुकदमा दर्ज न होने पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम जैतनपुर में भूमि पर अवैध कब्जे एवं चकरोड पर अतिक्रमण से जुड़े अन्य मामलों की भी समय-समय पर शिकायतें की जाती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रामकुमार पुत्र नन्दकिशोर, संतराम पुत्र सरजू प्रसाद तथा राधेश्याम पुत्र नन्दकिशोर, सरवरी खान सहित अन्य ग्रामीणों ने भी भूमि एवं सार्वजनिक चकरोड पर कथित अतिक्रमण की शिकायतें विभिन्न शासकीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की थीं। प्रार्थी ने इन मामलों के बीच संभावित संबंधों तथा संगठित रूप से भूमि हड़पने के आरोपों की निष्पक्ष एवं समग्र जांच की मांग की है।

प्रमिल कुमार द्विवेदी ने मांग की है कि राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट, पैमाइश, भूलेख अभिलेख, घटनास्थल के निरीक्षण तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराई जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रार्थी एवं अन्य संभावित पीड़ितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि भूमि पर अवैध कब्जे और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण जैसे मामलों में समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे कानून के शासन, नागरिकों के संपत्ति अधिकारों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर विधि के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई करने की अपेक्षा व्यक्त की है।

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