पीएनबी ने 220 स्थानों पर मेगा एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम की मेजबानी की ~ शीर्ष नेतृत्व द्वारा संचालित पहल पहुंची 220 स्थानों पर, बड़े पैमाने पर ऋण तक पहुंच को दिया बढ़ावा

by Vimal Kishor

 

लखनऊ,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने देशभर में 220 स्थानों पर अपने मेगा एमएसएमई आउटरीच प्रोग्राम की मेजबानी की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सुलभ, अनुकूलित और प्रतिस्पर्धी दरों पर वित्तीय समाधान प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना था, जो उद्यमिता और आर्थिक विकास के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करता है।

सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देने और एमएसएमई को उनके विकास के लिए सही वित्तपोषण विकल्पों को खोजने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया यह कार्यक्रम, व्यवसाय करने वालों, उद्योग प्रतिभागियों और बैंकिंग विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर साथ लाया। मजबूत नेतृत्व सहभागिता का प्रदर्शन करते हुए, इस आउटरीच का नेतृत्व एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र और सभी कार्यकारी निदेशकों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियो के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी किया।

“जहाँ अवसरों की शुरुआत होती है और व्यवसाय फलते-फूलते हैं” की थीम पर आधारित यह आउटरीच कार्यक्रम ऋण तक पहुँच को सरल बनाने और विशेष रूप से तैयार किए गए वित्तीय समाधान प्रदान करने पर केंद्रित रहा, जो एमएसएमई को अपने संचालन के विस्तार और उत्पादकता में सुधार करने में मदद करते हैं।

कार्यक्रम के आकर्षण: • विशेषज्ञों तक सीधी पहुँच: मौके पर मार्गदर्शन और अनुकूलित वित्तीय समाधानों के लिए पीएनबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद। • ऋण की तुरंत स्वीकृति: एमएसएमई ऋण योजनाओं को तत्काल सैद्धांतिक स्वीकृतियाँ (इन-प्रिंसिपल अप्रूवल्स)। • डिजिटल एक्सपीरियंस ज़ोन: डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अनुभव, अपनी पात्रता की जाँच और तुरंत ऑफर। • अनुकूलित पेशकश: विविध व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए गए एमएसएमई-केंद्रित ऋण उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला।

इस अवसर पर बोलते हुए, पीएनबी के एमडी एवं सीईओ, श्री अशोक चंद्र ने कहा, “एमएसएमई भारत की आर्थिक प्रगति की आधारशिला हैं और विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने वाले महत्वपूर्ण चालक हैं। इस मेगा आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से, हम देशभर के उद्यमियों को निर्बाध एमएसएमई सेवाएं, ग्राहक-अनुकूल उत्पाद, डिजिटल सुलभता और समय पर वित्तीय समाधान सीधे प्रदान करके क्रेडिट गैप को पाटने के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान मौके पर ही दी गई स्वीकृतियां एमएसएमई क्षेत्र के लचीलेपन और इसे सशक्त बनाने के प्रति पीएनबी की प्रतिबद्धता, दोनों को रेखांकित करती हैं। हम विकसित भारत 2047 की दिशा में एमएसएमई के बीच आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अपने व्यापक नेटवर्क और डिजिटल क्षमताओं का लाभ उठाना जारी रखेंगे।” इस पहल के साथ पीएनबी ने अपने ग्राहक केंद्रित नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए देश के करोडों लोगों के लिए एक भरोसेमंद वित्तीय साझीदार होने की अपनी विरासत को सुदृढ़ किया।

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