पार्थ गौतम फाउंडेशन ने ‘निःशुल्क शीतल जल सेवा’ अभियान का सफलता पूर्वक समापन किया

by Vimal Kishor

 

लखनऊ,उत्तर:प्रदेश-समाचार10India। पार्थ गौतम फाउंडेशन ने अपने तीसरे वार्षिक ‘निःशुल्क शीतल जल सेवा’ अभियान का सफल समापन किया। 9 मई से 31 जुलाई, 2026 तक चले इस अभियान के दौरान बरेली में 4.22 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क, स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया। फाउंडेशन के संस्थापक एवं इनवर्टिस विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर श्री पार्थ गौतम के नेतृत्व में संचालित यह अभियान बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम की जनसेवा की प्रेरणादायक सोच से प्रेरित था।

करीब 12 सप्ताह तक चले इस अभियान के तहत कचहरी, सुभाष नगर पुलिया, 84 घंटा मंदिर, मदीनाथ पुलिया, किला क्रॉसिंग, सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, श्यामतगंज चौराहा, संजय नगर चौराहा, सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा और आदिनाथ चौक सहित शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर जल सेवा केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों के माध्यम से यात्रियों, दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, डिलीवरी कर्मियों, ऑटो-रिक्शा चालकों तथा अन्य नागरिकों को लगातार शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया।

फाउंडेशन के अनुसार, अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह औसतन 35,200 लोगों तक पहुंच बनाई गई। सभी जल सेवा केंद्रों को कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं से सुसज्जित किया गया था और पूरे दिन निर्बाध जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की गई। अभियान के सफल समापन पर पार्थ गौतम फाउंडेशन के संस्थापक एवं इनवर्टिस विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर पार्थ गौतम ने कहा, “पार्थ गौतम फाउंडेशन में हमारा विश्वास है कि सार्थक परिवर्तन की शुरुआत करुणा और सेवा से होती है।

स्वच्छ पेयजल तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति की एक बुनियादी आवश्यकता है, और हमारे ‘निःशुल्क शीतल जल सेवा’ अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास यही रहा है कि भीषण गर्मी के दौरान बरेली में कोई भी व्यक्ति इस आवश्यक सुविधा से वंचित न रहे। एक शैक्षणिक संस्थान के नेतृत्वकर्ता के रूप में मेरा यह भी मानना है कि संस्थानों को शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। फाउंडेशन के माध्यम से हम ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो सार्थक एवं दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करें तथा युवाओं को करुणा, सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।”

फाउंडेशन ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष आयोजित यह पहल अब बरेली के प्रमुख वार्षिक सामुदायिक जनसेवा कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी है। संस्था का कहना है कि वह आगे भी सामुदायिक कल्याण, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी ऐसी पहलें जारी रखेगी, जो नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ समाज में सेवा, करुणा और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करें।

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