लखनऊ बना एजुकेशन हब: एडइनबॉक्स समिट 2026 में फॉरेंसिक साइंस, स्किल्स और भविष्य के करियर पर बड़ा मंथन

देशभर के शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की भागीदारी; फॉरेंसिक साइंस, एआई और स्किल-आधारित शिक्षा पर मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन

by Vimal Kishor

लखनऊ,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एडइनबॉक्स रीजनल हायर एजुकेशन समिट 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जहां सुबह से शाम तक चले इस आयोजन में शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों, स्कूल लीडर्स, नीति निर्माताओं और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। समिट ने उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री–एकेडेमिया तालमेल जैसे अहम विषयों पर प्रभावी चर्चा का मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार, निदेशक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्रीज द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. ए.के. श्रीवास्तव (डिप्टी डायरेक्टर, FSL लखनऊ), डॉ. टी.पी. सिंह (प्रो वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी), प्रो. उज्जवल के. चौधरी (प्रो वाइस चांसलर, टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी एवं एडिटोरियल एडवाइजर, एडइनबॉक्स कम्युनिकेशंस) और प्रो. (डॉ.) दीप्ति शुक्ला (प्रिंसिपल, समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, लखनऊ) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र में प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शिक्षा को केवल सैद्धांतिक दायरे में सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रों के लिए व्यावहारिक कौशल, रिसर्च ओरिएंटेशन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अनिवार्य बताते हुए फॉरेंसिक साइंस को तेजी से उभरते और संभावनाओं से भरपूर करियर विकल्प के रूप में रेखांकित किया।

इस वर्ष समिट में फॉरेंसिक साइंस प्रमुख आकर्षण रहा, जहां विशेषज्ञों ने डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी और फिंगरप्रिंट एनालिसिस जैसी तकनीकों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि किस तरह छोटे-छोटे वैज्ञानिक साक्ष्य बड़े और जटिल मामलों को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं, साथ ही न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक तथ्यों की प्रस्तुति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

समिट के विभिन्न सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई शिक्षा नीति, क्रिएटिव करियर और स्किल-बेस्ड एजुकेशन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। रीजनल प्रिंसिपल्स मीट, एकेडमिक लीडरशिप डायलॉग और स्कूल–यूनिवर्सिटी कनेक्ट जैसे इनिशिएटिव्स ने शिक्षा क्षेत्र के अलग-अलग हितधारकों के बीच संवाद को मजबूत किया, जबकि छात्रों को करियर काउंसलिंग और इंटरैक्टिव सेशंस के माध्यम से सीधे मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का संचालन RJ पुनीत और होस्ट मनीषा ने किया, जिनकी ऊर्जा ने पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा। समिट के दौरान ‘प्रिंसिपल अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ के तहत शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस तरह के मंच छात्रों को सही दिशा देने, नए अवसरों से जोड़ने और शिक्षा प्रणाली को समय की जरूरतों के अनुसार ढालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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