छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा हमले में शहीद हुए 10 जवानों में से 5 पुलिसकर्मी पहले थे नक्सली
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बस्तर संभाग के स्थानीय युवकों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षाबल के सबसे मारक क्षमता वाले जिला रिजर्व गार्ड में भर्ती किया जाता है। स्थानीय होने के कारण डीआरजी के जवानों को ‘माटी का लाल’ भी कहा जाता है।