
नई दिल्ली,समाचार10 India-रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी। मध्य अमेरिकी देश होंडुरास के दूतावास का उद्घाटन गुरुवार को नई दिल्ली में हुआ। होंडुरास के विदेश मंत्री एडुआर्डो एनरिक रीना गार्सिया ने अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर की मौजूदगी में दूतावास का उद्घाटन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस कदम को भारत और होंडुरास के बीच मधुर एवं मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
दूतावास के उद्घाटन समारोह के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा नई दिल्ली में होंडुरास का दूतावास खुलने से व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। व्यापारियों को दूतावास को मैचमेकिंग के लिए एक केंद्र के रूप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो अधिक पहल गतिविधियों और जुड़ावों को करने के लिए संस्थागत समर्थन प्रदान करेगा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के विरोध में होंडुरास की एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा हम विशेष रूप से आतंकवाद के सभी रूपों के विरोध में आपकी सार्वजनिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं।
उद्घाटन समारोह के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा यह उद्घाटन हमारी साझेदारी में एक नया मील का पत्थर है, जो आपसी सम्मान और आपसी प्रतिबद्धता पर केंद्रित है। स्वास्थ्य, डिजिटल, क्षमता विकास, ऊर्जा और आपदा प्रतिक्रिया में संभावनाओं सहित वैश्विक दक्षिण भागीदारों के रूप में सहयोग पर चर्चा की।
कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर से सटे होंडुरास और भारत के बीच सौहार्दपूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं तथा पिछले कुछ वर्षों के दौरान दोनों देश और करीब आए हैं और इस दौरान भारत का होंडुरास को निर्यात धीरे-धीरे बढ़ रहा है। भारत की ओर से फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटोमोबाइल – दो और तीन पहिया वाहनों के साथ ही कार, लोहा एवं इस्पात, औद्योगिक मशीनरी और पुर्जे, विद्युत मशीनरी आदि होंडुरास को निर्यात किए जाने वाले शीर्ष उत्पाद हैं।
जब होंडुरास कोविड-19 संकट का सामना कर रहा था, तब भारत सरकार ने उसे आवश्यक दवाएं दान की थीं। इसके साथ ही होंडुरास ने पिछले कई वर्षों में बहुपक्षीय मंचों पर भारत का लगातार समर्थन किया है।


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यह सही मायने में एक ऐतिहासिक क्षण है जब होंडुरास और भारत के बीच संबंधों को और मजबूती मिली है। दूतावास का उद्घाटन निश्चित रूप से व्यापार, सांस्कृतिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देगा। विदेश मंत्री जयशंकर का यह कदम वास्तव में प्रशंसनीय है, खासकर उनके द्वारा आतंकवाद के विरोध में होंडुरास की एकजुटता की सराहना करना। मुझे लगता है कि यह साझेदारी न केवल आर्थिक लाभ लाएगी बल्कि वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों को एक साथ लाएगी। स्वास्थ्य, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों को मजबूती मिलेगी। क्या आपको नहीं लगता कि यह कदम दोनों देशों के लिए एक नई उम्मीद और अवसर लेकर आया है? इस संबंध में आपका क्या विचार है, क्या आपको लगता है कि यह साझेदारी और भी बड़े स्तर पर जाएगी?