
लखनऊ,समाचार10India। रेडियो मिर्ची के सहयोग से अदाणी समूह ने मिर्ची के ‘नो आरजे स्टूडियो’ के ज़रिए लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक लाइव और सहभागी रेडियो हब में बदल दिया। अदाणी समूह के ‘हर सफ़र के हमसफ़र’ अभियान के तहत यात्रियों को माइक तक लाने और उड़ान से पहले ही आरजे बनने का अनुभव लेने का आमंत्रण दिया गया।
उड़ान का इंतज़ार कर रहे यात्री हवाई अड्डे की आवाज़ बन गए। उन्होंने अपनी निजी यात्रा कहानियाँ साझा कीं, जिन गंतव्यों को लेकर वे उत्साहित थे उनके बारे में बात की, यात्रा से जुड़े उपयोगी टिप्स बताए, अपने पसंदीदा गानों की फरमाइश की और अन्य यात्रियों से सहज, बिना स्क्रिप्ट के संवाद किया।
इन पलों ने टर्मिनल की लय ही बदल दी। जो जगह आमतौर पर टाइम टेबल और आवाजाही से पहचानी जाती है, वह बातचीत, मुस्कान, हँसी और साझा अनुभवों से भर गई। रेडियो अब केवल सुनने का माध्यम नहीं रहाकृवह एक ऐसा मंच बन गया, जिसमें लोग सक्रिय रूप से भाग लेने लगे।
नो आरजे स्टूडियो ने ‘हर सफ़र के हमसफ़र’ के असली मायने को जीवंत कियाकृयह दर्शाते हुए कि अदाणी एयरपोर्ट्स केवल बुनियादी ढाँचे और संचालन तक सीमित न रहकर, उससे आगे बढ़कर सार्थक अनुभव रचते हैं। यह अदाणी समूह की ‘हम करके दिखाते हैं’ भावना को भी प्रतिबिंबित करता है, जहाँ ज़मीनी स्तर पर वास्तविक कार्रवाई के माध्यम से अनुभव-आधारित कहानी कही गई। रेडियो, लाइव इंटरैक्शन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के सहज एकीकरण के ज़रिए रेडियो मिर्ची और अदाणी समूह ने चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ पर एक प्रभावशाली और यादगार अनुभव को सह-रचना कियाकृऐसा अनुभव, जो यात्रियों के साथ उनकी यात्रा शुरू होने के बाद भी लंबे समय तक बना रहा।

