
लखनऊ,उत्तर:प्रदेश-समाचार10India। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के एल.एल.एम. अंतिम वर्ष के छात्र पवन कुमार ने उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल से मुलाकात का समय दिए जाने की मांग की है। छात्र का आरोप है कि विधि विभाग की शिक्षिका डॉ. कामिनी विश्वकर्मा द्वारा उसके साथ जातिगत उत्पीड़न, मानसिक एवं शारीरिक शोषण, अपमानजनक व्यवहार तथा आंतरिक परीक्षा में जानबूझकर कम अंक देकर उसके शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
छात्र का यह भी कहना है कि उसका अंतिम वर्ष का परिणाम “RD Disciplinary Enquiry” दर्शाते हुए रोक दिया गया है।मीडिया से बातचीत में पवन कुमार ने कहा कि वह एल.एल.एम. में प्रथम श्रेणी (फर्स्ट डिवीजन) से उत्तीर्ण होने के बावजूद अपनी डिग्री से वंचित है। उनका आरोप है कि बिना उचित कारण डिग्री रोके जाने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर डिग्री मिल जाती तो वह नौकरी की तैयारी कर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल सकते थे।
पवन कुमार ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और डिग्री रुक जाने के कारण रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए, ताकि उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नोट: यह प्रेस नोट पवन कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके मीडिया में दिए गए बयान पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष का जवाब इस समाचार में शामिल नहीं है।

