संतुलित विदेश नीति के बलबूते तेजी से विकास कर रहा भारतः राष्ट्रपति मुर्मु

by Vimal Kishor

नई दिल्ली,समाचार10India-रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि वर्तमान में वैश्विक अस्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकट में होने के बावजूद भारत अपनी संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच के बलबूते तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मु ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा आप सब जानते हैं कि इस समय विश्व एक कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक समीकरण भी आज बदल रहे हैं। युद्ध की अनिश्चितताओं ने भी वैश्विक स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संकट में डाल रखा है। इन सब परिस्थितियों के बीच भी भारत तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। भारत की इस सफलता के पीछे मेरी सरकार की संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच की बड़ी भूमिका है।

पीआईबी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा वर्तमान की जटिल वैश्विक परिस्थितियों में भारत विश्व में एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। युद्धरत देश भी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भारत पर अपना भरोसा व्यक्त करते हैं। यह संतोष की बात है कि भारत ने संतुलन, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोणों को प्राथमिकता दी है। इनके बाद भी, इंडिया फर्स्ट के संकल्प को अटल बनाए रखा है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति द्वारा भारत की विदेश नीति की उपलब्धियों को लेकर की सराहना पर आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा आज संसद के जॉइंट सेशन में अपने भाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत की विदेश नीति की उपलब्धियों और विजन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत मुश्किल समय में दुनिया के मामलों में एक पुल की भूमिका निभा रहा है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूत किया है। भारत संकट के समय, खासकर पड़ोसी देशों के लिए, सबसे पहले मदद के लिए आगे आया है। देश कई ग्लोबल संगठनों में बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहा है। भारत 2026 में ब्रिक्स की प्रेसिडेंसी संभालेगा और ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा।

बता दें कि बजट सत्र को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरे चरण के नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलने की संभावना है

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