वो आवाज जो लोगों के दिलों में धड़कनों की तरह बसती थी, जानिए कौन थे अमीन सयानी
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‘भाईयों और बहनों’ शब्द का प्रयोग आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब-करीब अपने सभी भाषणों में करते हैं। यह शब्द तब लोकप्रिय हुआ जब सन 1952 में रेडियो सिलोन से अमीन सयानी ने ‘बिनाका गीतमाला’ प्रस्तुत किया था।