देवा शरीफ़ में गूँजी इश्क़-ए-इलाही की सदा

मुल्क में अमन, सद्भाव, तरक़्क़ी और आपसी भाईचारे की हुई दुआएँ

by Vimal Kishor

लखनऊ/देवा शरीफ़,उत्तर:प्रदेश-समाचार10India। विश्वविख्यात सूफ़ी संत हज़रत वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की पावन दरगाह पर स्थित काशान-ए-वारिस की ओर से एक भव्य और रूहानी कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया। इश्क़-ए-इलाही, मोहब्बत, अमन और इंसानियत के पैग़ाम से सराबोर इस मुकद्दस महफ़िल में देश के कोने-कोने से आए हज़ारों जायरीनों और अक़ीदतमंदों ने शिरकत कर अपनी हाज़िरी पेश की।

महफ़िल का आग़ाज़ मजार-ए-अकदस पर सैकड़ों अकीदत की चादरें पेश करने के साथ हुआ। जायरीनों ने हज़रत वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की बारगाह में मुल्क की सलामती, अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे, खुशहाली और इंसानियत की बेहतरी के लिए ख़ास दुआएँ कीं।

रूहानी कलाम और सूफ़ियाना कव्वालियों ने पूरी फ़िज़ा को नूरानी रंग में रंग दिया। देर रात तक चलने वाली इस महफ़िल में मौजूद हर शख़्स इश्क़-ए-विलायत और ज़िक्र-ए-इलाही में डूबा नज़र आया। दरगाह परिसर “या वारिस” की सदाओं और सूफ़ियाना नग़्मों से गूँजता रहा, जिसने हर दिल को सुकून और रूहानी कैफ़ियत से भर दिया।

इस पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी, अवध प्रांत की मंत्री फरहा रिज़वी, भाजपा नेता एवं पूर्व मुतवल्ली सय्यद फैजी, विधायक प्रत्याशी नईम अहमद, चेयरमैन शहंशाह हुसैन, लल्लू भाई, रज्जन खान, मुबारक हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अज़ीज़ सिद्दीकी, महामंत्री अब्दुल वहीद, सद्भावना न्यूज़ के संपादक मंसूर अली तथा मान्यता प्राप्त पत्रकार परवेज़ अख़्तर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यक्रम की गरिमा में चार चाँद लगाए। पूरे आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था काशान-ए-वारिस के अध्यक्ष अरशद मुर्तुजा वारसी के नेतृत्व में की गई। उनके साथ महासचिव मोहम्मद इमरान, कोषाध्यक्ष गुड्डी, हसन वारसी, हुसैन वारसी, अब्दुल्ला वारसी, मोहसिन अहमद, सुदीप संदीप सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने पूरी लगन, ख़ुलूस और अनुशासन के साथ व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला।

देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों जायरीनों ने इस रूहानी महफ़िल में शिरकत कर हज़रत वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की बारगाह में हाज़िरी दी और मुल्क में अमन, सद्भाव, तरक़्क़ी और आपसी भाईचारे की दुआएँ कीं। पूरे आयोजन का माहौल आध्यात्मिक रंग में सराबोर रहा और उपस्थित लोगों ने इसे एक यादगार एवं दिलों को सुकून देने वाला आयोजन बताया।

कार्यक्रम के दौरान जायरीनों ने उम्दा और लज़ीज़ व्यंजनों के साथ तबर्रुक का भी लुत्फ़ उठाया।
इस मुकद्दस मौक़े पर काशान-ए-वारिस के अध्यक्ष अरशद मुर्तुजा वारसी ने सभी विशिष्ट अतिथियों, उलेमा, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जायरीनों का चादर, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया।

यह रूहानी महफ़िल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सूफ़ी सिलसिले की मोहब्बत, इंसानियत, गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे का जीवंत संदेश बनकर उभरी। देर रात तक गूँजती सूफ़ियाना कव्वालियों ने हर दिल को रूहानी सुकून से सराबोर कर दिया।

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