इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित

“स्वस्थ चिकित्सक, स्वस्थ समाज”: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आईएमए लखनऊ का सामूहिक योगाभ्यास

by Vimal Kishor

 

लखनऊ,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा आईएमए भवन, लखनऊ में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएमए लखनऊ के चिकित्सकों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस अवसर पर प्रयाग आरोग्यम् केंद्र, योग प्रशिक्षण एवं योगाभ्यास केंद्र, की योग गुरु ज्योति यादव ने सभी प्रतिभागियों को लगभग एक घंटे तक योगाभ्यास कराया।

उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अभ्यास करवाए। साथ ही उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली, तनाव नियंत्रण और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष डॉ. रुक्साना मैम, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. सरस्वती, डॉ. शाश्वत सक्सेना, डॉ. निरुपमा सहित कई अन्य चिकित्सकों एवं सदस्यों ने सहभागिता की।इस अवसर पर आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की निरंतर प्रक्रिया है।

आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में चिकित्सकों के लिए भी योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ चिकित्सक ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और सही प्रेरणा दे सकता है।उन्होंने कहा कि नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत होता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।

आईएमए लखनऊ का उद्देश्य है कि चिकित्सक स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और समाज को भी योग, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के लिए प्रेरित करें।डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने योग गुरु ज्योति यादव जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने सरल और उपयोगी योगाभ्यास किया। उन्होंने सभी चिकित्सकों और सदस्यों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।आईएमए लखनऊ शाखा ने इस अवसर पर संदेश दिया कि चिकित्सक समाज को स्वस्थ रहने की प्रेरणा देने के साथ-साथ स्वयं भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

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