
लखनऊ,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। समाजी संस्था,,भारत जनकल्याण फाउंडेशन द्वारा,,उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी लखनऊ में ,, आल इंडिया मुशायरा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें देश प्रदेश के विख्यात शायरों, कवियों व शायरात ने शिरकत की.. जिसकी अध्यक्षता डॉक्टर इम्तियाज सर्जन ने की और खूबसूरत निज़ामत युथ नाजिम आसिम काकोरवी ने की कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंडित अभिनव नाथ,डॉक्टर मोहिउद्दीन खान, वरिष्ठ समाज सेविका फरह नाज ,जैनब सिद्दीक़ी,त्रिपाठी, हम्माम वहीद ,उपस्थित हुए । गुफरान चुलबुल ने अपने हास्य से लोगों का दिल जीत लिया। इस प्रोग्राम में अपनी रचनाएं पेश करने वाले मशहूर शायर चांदनी शबनम, अकमल बलरामपुरी,गुले सबा फतेहपुरी, निकहत मुरादाबादी, शाहिद बस्तवी ,अरमान कुरेशी, ब्रह्मदेव शास्त्री ,वसीम मज़हर,अलाउद्दीन सिद्धार्थनगरी के अलावा और भी लोगों ने अपनी कविताओं व शायरी के द्वारा लोगों का मन मोह लिया ।
अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर इम्तियाज सर्जन ने कहा कि मुशायरा कवि सम्मेलन उर्दू के फरोग में अहम किरदार अदा कर रहे हैं और ये हमारी साझी विरासत का हिस्सा हे उन्हों ने कार्यक्रम के आयोजक को मुबारकबाद पेश की और कहा कि ये सफ़र जारी रहना चाहिए रिजवान बिल्डर ने बताया की हिंदी व उर्दू साहित्य का आपस में बहुत ही गहरा रिश्ता है और यह बिल्कुल सच है कि साहित्य ने हमेशा समाज के हर समुदाय के दिलों को जोड़ने का काम किया है यही वजह है की जो भी एक बार साहित्य से जुड़ता है वह जिंदगी भर साहित्य की सेवा करता रहता है।
उन्होंने ने यह भी बताया कि आज पूरे समाज के हर समुदाय के दिलों को जोड़ना है तो कहीं ना कहीं साहित्य का सहारा लेना ही पड़ेगा और इस तरह के साहित्यिक प्रोग्राम से भारत की अखंडता को, भारत की गंगा जमुनी तहजीब को मजबूती मिलती है । रिजवान बिल्डर ने आए हुए तमाम मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस प्रोग्राम को सफल बनाने में अफजल खान ,फैजान खान, चंदन गुप्ता ,सिराज अंसारी, मुजीब खान असलम अहम रोल रहा।
इस मौके पर समाज सेवी सईद हाशमी,सत्यम रौशन,जैनब सिद्दीक़ी,डॉक्टर मसीहुद्दीन खान,अनवर ,फरह नाज ,सहित दर्जनों लोगों को विशेष सम्मान से नवाजा गया इस कवि सम्मेलन व मुशायरे में सरफराज जाहिद ,आसिफ रिज़वी,डॉक्टर अब्दुल रहीम,अखिलेश चौहान, देवेन्द्र प्रताप सिंह,बिलाल खान,राम कुमार,चौधरी सलमान क़ादिर,हाफिज सय्यद वसी,अब्दुल हफीज सिद्दिकी,आदि मौजूद रहे.

