यूपी एनर्जी एक्‍सपो 2026 का भव्‍य शुभारंभ

एक्‍सपो में 200 से अधिक प्रदर्शकों ने स्‍टॉल लगाए

by Vimal Kishor

लखनऊ,उत्तर.प्रदेश-समाचार10India। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्‍ठान में गुरुवार को यूपी एनर्जी एक्‍सपो 2026 का भव्‍य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस एक्‍सपो का उद्घाटन गुरुवार को गणमान्‍य अतिथियों ने दीप जलाकर किया। यूपी ऊर्जा एक्‍सपो 2026 का आयोजन यूपीपीएचडीसीआईआई (पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्रीज),फर्स्‍ट व्‍यू और यूपीनेडा के सहयोग से किया गया है। इसमें इन्‍वेस्‍ट यूपी, जो उत्तर प्रदेश सरकार की एक एजेंसी है—और ‘सेवा’ के सहयोग से किया जा रहा है। इसे सिगएनर्जी इंडिया, ऑइकन सोलर, केईआई इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड, सालासार टेक्‍नो इंजीनीयरिंग लिमिटेड ,पॉलीकैब इंडिया, साएल इंडस्‍ट्रीज, रेडिको खेतान, एरम फिनटैक्‍स इंडिया, सिनको एनर्जी और ट्रू पावर का भी समर्थन प्राप्त है।

यूपी के उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उदघाटन सत्र में कहा कि प्रदेश ने योगी और केन्‍द्र में मोदी के नेतृत्‍व में यूपी ने वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। पीएम मोदी ने दुनियाभर में कार्बन उत्‍सर्जन रोकने में भारत की अग्रणी भूमिका को पेश किया है। पांच हजार कंपनियों के जरिए 70 हजार से अधिक लोगों को सीधे और लाखों लोगों को अप्रत्‍यक्ष रोजगार मिला है। छतों पर सोलर संयंत्र लगने से लगभग 6500 एकड़ जमीन बची है। अकेले अप्रैल माह में 52 हजार से अधिक सोलर संयंत्र लगाकर यूपी में राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर देश में पहला स्‍थान हासिल किया। पाठक ने भरोसा दिलाया कि सौर और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यदि कोई नीतिगत बदलाव सुझाये जाते हैं तो प्रदेश सरकार नीतियों में संशोधन जरूर करेगी।

डॉ आशीष कुमार गोयल, अपर मुख्‍य सचिव, ऊर्जा ने उम्‍मीद जताई कि अगले 10 वर्षों में यूपी देश का ऊर्जा प्रदेश बन जाएगा। इसके लिए यूपी सरकार ने थर्मल, सोलर, हाइब्रिड, सोलर और बैटरी के क्षेत्र में बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स किए गए हैं। यूपी में रिन्यूएबल ऊर्जा बढ़ाने के लिए बॉयोएनर्जी, सोलर एनर्जी के लिए प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में सोलर नीतियां भी बनाई जा रही हैं। गोयल ने कहा कि यूपी में सौर एनर्जी निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद है। उन्होंने उद्यमियों से सोलर उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया और उन्‍हें भरोसा दिलाया कि उद्यमियों को यूपीनेडा, यूपीपीसीएल और प्रदेश सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। गोयल ने रिन्‍यूएबल एनर्जी देश का भविष्य है। देश में ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने का काम रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए किया जा रहा है।

गोयल ने कहा कि इस बार एक्‍सपो पिछले साल की तुलना में अधिक व्यापक है। पहले प्रदेश में बिजली कटौती की खबरें सुर्खियां बनती थी। अभी बिजली कुछ देर के लिए गुल होती है। जल्‍दी ही इस कमी को भी पूरा कर लिया जाएगा।यूपी में 10 हजार पावर ट्रांसफार्मर हैं। इनमें से हर साल 5 प्रतिशत ट्रांसफार्मर जल जाते थे। ट्रांसफार्मर फूंकने में अब बेतहाशा गिरावट आई है, जो वर्तमान में घटकर 0.5 प्रतिशत रह गई है। डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर के डैमेज रेट में 70 फीसदी की कमी उल्लेखनीय है।

रवीन्‍द्र सिंह, आईएएस, निदेशक, यूपीनेडा ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा को आत्‍मसात किया जाए ताकि हम ऊर्जा के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बन सके। उन्‍होंने कहा कि यूपी में अब तक 500115 से अधिक रूफ टॉप सोलर संयंत्र स्‍थापित हो चुके हैं। इनके द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली उत्‍पादित हो रही है। रूफ टॉप सोलर संयंत्रों की स्‍थापना से लगभग 17 सौ मेगावाट ऊर्जा उत्‍पादन की क्षमता तैयार हुई है। इसके लिए केन्‍द्र सरकार ने 3038.08 करोड़ और राज्‍य सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी है।

पीएचडीसीसीआई के उत्तर प्रदेश चैप्टर के सह-अध्यक्ष, विवेक अग्रवाल ने भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत को एक तेज़ी से सीखने वाली और खुद को ढालने वाली अर्थव्यवस्था बताया, जिसे उद्यमियों और इनोवेटर्स के एक जीवंत इकोसिस्टम से बढ़ावा मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि हरित ऊर्जा, फिनटेक और कृषि-प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अहम अवसर मौजूद हैं, जहाँ UK की अनुसंधान ताकत और सटीकता भारत के पैमाने और कौशल को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकती है। पीएचडीसीसीआई के उत्तर प्रदेश चैप्टर के सह-अध्यक्ष राजेश निगम ने कहा कि रिन्‍यूएबल एनर्जी देश का भविष्‍य है। उन्‍होंने तीन दिन तक चलने वाले एक्‍सपो में लगे स्‍टालों का लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। भारत भले ही तेल उत्‍पादक देश नहीं है लेकिन यहां ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों की भरमार हैं।

सेवा के अध्‍यक्ष पराग मिश्रा ने कहा कि यह एक्सपो रूफटॉप सोलर सिस्टम, बड़े पैमाने की सोलर परियोजनाओं, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) समाधानों, इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण से संबंधित अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित कर रहा है। वरुण गुलाटी, सीईओ, फर्स्‍ट व्‍यू ने आगंतुकों का स्‍वागत करते हुए कहा कि हम हर साल एक्‍सपो के जरिए सोलर तकनीक, नवाचार और नए संयंत्रों से लोगों को रूबरू कराते हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्‍यम से हम बीते 2 सालों से अपने लक्ष्‍य पूरे कर रहे हैं।

सभी अतिथियों और आगंतुकों का स्‍वागत करते हुए पीएचडीसीसीआई के सीनीयर क्षेत्रीय निदेशक अतुल श्रीवास्‍तव ने कहा कि तीन दिवसीय एक्‍सपो में भारत और विदेशों से 200 से अधिक कंपनियां सौर ऊर्जा, स्‍मार्ट ग्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का डेमो सहित प्रदर्शन कर रही हैं।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में 4 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित हुए विभिन्‍न पैनल चर्चाओं में 30 से अधिक विशेषज्ञों ने रिन्‍यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में असीम संभावनाओं, चुनौतियों और उनसे आगे निकलने के तरीकों पर मंथन किया। एक्‍सपो देखने के लिए बड़ी संख्‍या में लोग दिन भर आते रहे।

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