
लखनऊ,उत्तर:प्रदेश -समाचार10India। आजादी के अमृत भाव को जन-जन तक पहुंचाने और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों एवं महापुरुषों को सम्मान देने के उद्देश्य से जश्न-ए-आजादी ट्रस्ट, पीस एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर में स्थापित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, क्रांतिकारियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के आयोजक, ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य एवं शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तजा अली ने कहा कि आजादी का पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का पावन समय है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को स्वतंत्रता दिलाई। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके पीछे हमारे महापुरुषों एवं शहीदों के त्याग, तपस्या और संघर्ष की अमूल्य विरासत है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा ने कहा कि स्वतंत्रता की खुशियों के बीच हमें उन क्रांतिकारियों और वीर सपूतों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा और आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के गौरव, स्वाभिमान और शहीदों के बलिदान को याद करने के सबसे महत्वपूर्ण अवसर हैं।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर श्रद्धा के फूल
ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य मुर्तजा अली ने बताया कि प्रातःकाल से ही शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर स्थापित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का सिलसिला शुरू किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पॉलीटेक्निक चौराहे पर शहीद रफी अहमद किदवई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद कैप्टन मनोज पाण्डेय चौराहा स्थित अमर शहीद मनोज पाण्डेय की प्रतिमा, कैंट स्थित वीर अब्दुल हमीद चौक, हजरतगंज चौराहा स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
इसके पश्चात हुसैनगंज चौराहे पर महाराणा प्रताप, नाका हिंडोला में हेमू कालाणी, आलमबाग चौराहे पर शहीद संत कंवर राम, कैसरबाग चौराहे पर अशोक की लाट, परिवर्तन चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा कारगिल पार्क में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर वीर सपूतों को नमन किया गया।
देशभक्ति के रंग में रंगा आयोजन
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का ट्रस्ट अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा, जुबैर अहमद, अब्दुल वहीद एवं वामिक खान ने तिरंगा पट्टी पहनाकर स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और शहीदों के सम्मान का भाव दिखाई दिया।
समापन अवसर पर राष्ट्रीय कवि वेद व्रत बाजपेयी ने अपनी ओजपूर्ण वाणी के माध्यम से वीर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी हमें यूं ही नहीं मिली, बल्कि इसके लिए अनगिनत वीरों ने अपना वर्तमान देश के भविष्य के लिए कुर्बान कर दिया। उनके बलिदान की गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
नगर निगम कर्मचारियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
आयोजन को सफल बनाने में नगर निगम कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रम स्थलों के आसपास समुचित साफ-सफाई, चूना छिड़काव तथा महापुरुषों एवं शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। इस सहयोग के लिए आयोजकों ने नगर निगम कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जश्न-ए-आजादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा, महामंत्री निगहत खान, रजिया नवाज, वामिक खान, के.डी. मिश्रा, डॉ. साधना बाजपेयी, जसबीर गांधी, संजय सिंह,रतपाल सिंह गोल्डी, राजिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह, रियाज सिद्दीकी, मोहम्मद इदरीस, हलीमा अजीम, फहद हसन, शालिनी सिंह, मोहम्मद कैफ, आमिर किदवई, शादाब कुरैशी, हाजी फहीम सिद्दीकी, डॉ. महबूब आलम, महेश दीक्षित सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की आजादी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि उन महान आत्माओं की अमर विरासत है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा, सरदार पटेल की एकता, डॉ. आंबेडकर के सामाजिक न्याय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य साहस तथा शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता है।

