भारत की ‘उदार अर्थव्यवस्था’ में दलितों के आगे बढ़ने में जाति कितनी बड़ी दीवार?

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1991 में उस समय के वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण की शुरुआत की थी. इसके साल भर के भीतर 1992 में महाराष्ट्र के एक दलित उद्यमी अशोक खाड़े ने अपनी कंपनी ‘डीएएस ऑफ़शोर इंजीनियरिंग

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