
लखनऊ,समाचार10 India। फ्रंटियर मार्केट्स और सरल जीवन इंडिया फ़ाउंडेशन ने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत 25,000 ग्रामीण महिला उद्यमियों और 5,000 महिला प्रशिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता बढ़ाना, उनके व्यवसायों को मजबूत बनाना और डिजिटल व एआई अर्थव्यवस्था में नई आय के अवसर उपलब्ध कराना है। यह इस दीर्घकालिक सामूहिक प्रयास का पहला चरण है, जिसका लक्ष्य 2030 तक एक एआई-सक्षम ग्रामीण उद्यमिता मॉडल विकसित कर 10 लाख महिला उद्यमियों और 10 करोड़ ग्रामीण घरों तक विस्तार करना है। यह मॉडल भारत सरकार के साथ मिलकर देश के एसएचजी नेटवर्क को एआई अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम करेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत भारत का एसएचजी नेटवर्क लगभग 90 लाख स्वयं सहायता समूहों और 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं का समूह है — जो विश्व का सबसे बड़ा महिला-नेतृत्व वाला समुदाय नेटवर्क है।
हाल के वर्षों में ग्रामीण भारत में स्मार्टफोन उपयोग में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है — 2023 के एक सर्वे के अनुसार ~74.8% ग्रामीण घरों में स्मार्टफोन उपलब्ध था, जबकि 2025 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार 85.5% भारतीय घरों में कम से कम एक स्मार्टफोन है। यह डिजिटल अपनापन दर्शाता है कि ग्रामीण महिलाएँ एआई-आधारित सेवाओं, डिजिटल वाणिज्य और वित्तीय समावेशन में भाग लेने के लिए तैयार हैं। हालांकि स्मार्टफोन उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन महिला उद्यमी डिजिटल और विशेष रूप से एआई-आधारित अवसरों में पूर्ण रूप से शामिल नहीं हो पा रही हैं। यह साझेदारी इसी अंतर को कम करने और सुनिश्चित करने के लिए है कि वैश्विक एआई परिवर्तन की यात्रा में ग्रामीण महिलाएँ पीछे न रह जाएँ। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को एआई कौशल और व्यावहारिक डिजिटल उपकरण प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे आत्मविश्वासी, एआई-सक्षम उद्यमी बनकर आज के प्रतिस्पर्धी बाज़ार में सफल हो सकें। यह साझेदारी शी लीड्स भारत: उद्यम के प्रभावशाली कार्य पर आधारित है, जिसे सरल जीवन इंडिया फ़ाउंडेशन और फ्रंटियर मार्केट्स ने मिलकर संचालित किया है। यह पहल अब तक 40,000 से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बना चुकी है। पिछले पाँच वर्षों में इसने 5 राज्यों के 5,000 से अधिक गाँवों में 43 लाख घरों को 10 करोड़ से अधिक आवश्यक समाधान प्रदान किए हैं।
इस पहल को हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सराहना मिली है, और इसे मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के साथ-साथ 360 ONE फ़ाउंडेशन, SAP, अपोलो टायर्स, सेंट-गोबैन सहित कई प्रमुख साझेदारों का समर्थन प्राप्त है। माइक्रोसॉफ्ट के साथ यह साझेदारी मेरा सहेली ऐप में एआई स्किल्स और उनके उपयोग को एकीकृत कर शी लीड्स भारत की मौजूदा महिला उद्यमी नेटवर्क को और मजबूत बनाएगी। इससे महिलाएँ अपनी आय बढ़ा सकेंगी, नए व्यवसायिक अवसर विकसित कर सकेंगी, और एआई के उत्पादक उपयोग से दीर्घकालिक व्यवसायिक स्थिरता प्राप्त कर सकेंगी। सरल जीवन इंडिया फ़ाउंडेशन, फ्रंटियर मार्केट्स और माइक्रोसॉफ्ट मिलकर माइक्रोसॉफ्ट की एआई स्किलिंग सामग्री को हिंदी और तेलुगु में स्थानीयकृत कर ग्रामीण महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप बनाएंगे। सामग्री को फ्रंटियर मार्केट्स के एआई-सक्षम मेरा सहेली ऐप और WIDB प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से वितरित किया जाएगा। यह संसाधन राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय ग्रामीण विकास, स्किलिंग और उद्यमिता विभागों के साथ साझा किए जाएंगे और NRLM तथा राज्य स्तरीय एसएचजी कार्यक्रमों में एकीकृत किए जाएंगे, जो जनवरी 2025 तक 90 लाख एसएचजी और 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं तक पहुँच रखते हैं। साझेदारी पर नेताओं के बयान अजैता शाह, संस्थापक एवं सीईओ, फ्रंटियर मार्केट्स: “माइक्रोसॉफ्ट के साथ यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जैसे-जैसे एआई हर उद्योग को बदल रहा है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत की ग्रामीण महिलाएँ—जो अद्भुत उद्यमिता क्षमता रखती हैं—इस परिवर्तन में बराबर की भागीदार बनें। माइक्रोसॉफ्ट के समर्थन से हम एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं जिसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सके और 2030 तक 10 लाख महिला उद्यमियों तक विस्तार दिया जा सके।” मंजू धस्माना, सीएसआर लीड, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया: “माइक्रोसॉफ्ट में हमारा उद्देश्य तकनीक को हर किसी के लिए अवसर और समावेशन का माध्यम बनाना है। एआई केवल नवाचार नहीं, बल्कि लैंगिक सशक्तिकरण का उत्प्रेरक है। इस साझेदारी के माध्यम से हम एआई स्किलिंग को अंतिम पंक्ति तक ले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण महिलाएँ तकनीक का उपयोग कर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें। यह सहयोग भारत की ग्रामीण विकास प्रणालियों में बड़े पैमाने पर एआई स्किलिंग को एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।” सुभाषिनी चंद्र, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, सोशल इम्पैक्ट APEMEA, मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ: “शी लीड्स भारत: उद्यम के प्रति हमारा समर्थन दिखाता है कि समावेशी विकास को मजबूत आधार देने में परोपकार की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
हमें खुशी है कि अन्य साझेदार इस पहल को और मजबूत करने के लिए आगे आ रहे हैं, जिसने ग्रामीण महिला उद्यमियों के जीवन में बदलाव की क्षमता पहले ही दिखा दी है।” माइक्रोसॉफ्ट के साथ यह साझेदारी शी लीड्स भारत द्वारा नेतृत्व किए जा रहे एक जेंडर-इन्क्लूसिव एआई अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय आंदोलन को तेज़ गति देगी। यह न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए दीर्घकालिक अवसर उत्पन्न करेगी, बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगी। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के बारे में (यह हिस्सा मूल अंग्रेजी विवरण के आधार पर पेशेवर अनुवाद है) माइक्रोसॉफ्ट (Nasdaq: MSFT; @microsoft) बुद्धिमान क्लाउड और बुद्धिमान एज के युग के लिए डिजिटल परिवर्तन सक्षम करता है। इसका मिशन दुनिया के हर व्यक्ति और संगठन को अधिक हासिल करने में सक्षम बनाना है। माइक्रोसॉफ्ट ने 1990 में भारत में अपनी कार्यशैली शुरू की। आज भारत के 10 शहरों—अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, नई दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, नोएडा और पुणे—में माइक्रोसॉफ्ट की इकाइयों में 23,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। माइक्रोसॉफ्ट स्थानीय डेटा केंद्रों से वैश्विक क्लाउड सेवाएँ प्रदान कर भारतीय स्टार्टअप्स, व्यवसायों और सरकारी संगठनों के डिजिटल परिवर्तन को तेज गति प्रदान कर रहा है।
शी लीड्स भारत के बारे में शी लीड्स भारत भारत की अग्रणी ग्रामीण महिला उद्यमिता पहल है, जिसका नेतृत्व सरल जीवन इंडिया फ़ाउंडेशन और फ्रंटियर मार्केट्स करते हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल रूप से सक्षम उद्यमी बनाना है। पिछले पाँच वर्षों में इस पहल ने 40,000 से अधिक महिला उद्यमियों को सशक्त बनाया है, 5 राज्यों के 5,000 गाँवों के 43 लाख परिवारों तक 10 करोड़ से अधिक आवश्यक समाधान पहुँचाए हैं। इस पहल को भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी मान्यता मिली है। मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ, 360 ONE फ़ाउंडेशन, SAP, अपोलो टायर्स और अन्य साझेदार इस पहल का समर्थन करते हैं। अब यह कार्यक्रम 2030 तक 10 लाख महिला उद्यमियों और 10 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक एक जेंडर-इन्क्लूसिव एआई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

