उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो में व्यापार और मैनुफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

उद्योग, ऊर्जा और निवेश के लिए उत्तर प्रदेश को नए अवसर देने की तैयारी

by Vimal Kishor

 

लखनऊ,यूपी-समाचार10 India। पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने बीते शुक्रवार को लखनऊ स्थित पीएचडी हाउस में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (यूपीआईटेक्स 2026) के चौथे संस्करण का कर्टेन रेज़र सफलतापूर्वक आयोजित किया। इसके अलावा पीएचडीसीसीआई ने फर्स्टव्यू मीडिया ग्रुप के सहयोग से यूपी एनर्जी एक्सपो (यूपीईएक्स) 2026 के दूसरे संस्करण की भी घोषणा की। यह एक्सपो 07–09 मई 2026 को आयोजित होगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में बिजनेस, मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर राजेश निगम को-चेयर यूपी स्टेट चैप्टर पीएचडीसीसीआई, अजय कुमार सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर यूपीनेडा, अतुल श्रीवास्तव सीनियर रीजनल डायरेक्टर पीएचडीसीसीआई, सुधीर बिश्नोई डायरेक्टर एंड हेड ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स समेत अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।

पीएचडीसीसीआई के को-चेयर, यूपी स्टेट चैप्टर, राजेश निगम ने बताया कि यूपीआईटेक्स 2026 का आयोजन 23–27 जनवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विविधता को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने वाला सबसे बड़ा आयोजन है। इस बार इसे और वृहद स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। हमारा मानना है कि यूपीआईटेक्स राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम में यूपीनेडा के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर अजय कुमार ने कहा कि एक ओर यूपीआईटेक्स के माध्यम से व्यपार और मैन्यूफैक्चरिंग की संभावनाएं विकसित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर यूपी एनर्जी एक्सपो के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा में नए निवेश और तकनीकों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित होगा, जो राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हमारा लक्ष्य है कि यूपी न केवल भारत का सबसे बड़ा बाजार बने बल्कि निवेशकों और निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य भी बने।

इसी क्रम में, 07–09 मई 2026 को आयोजित होने वाला यूपी एनर्जी एक्सपो (यूपीईएक्स) 2026 का दूसरा संस्करण ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। यह मंच सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती तकनीकों, ऊर्जा प्रबंधन, नीति सुधार और निवेश से जुड़े नए अवसरों पर चर्चा का बड़ा केंद्र बनेगा। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

पीएचडीसीसीआई के सीनियर रीजनल डायरेक्टर अतुल श्रीवास्तव ने कहा, “उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ते औद्योगिक प्रदेशों में शामिल है। ये दोनों एक्सपो न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ाएंगे, बल्कि राज्य के उद्यमियों, निर्माताओं और निवेशकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से सीधे जोड़ने में मदद करेंगे। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक प्रतिभागी इन आयोजनों में शामिल हों और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दें।”

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