लखनऊ,समाचार10 India। सोनी लिव पहली बार अपने ‘गेटवे टू शार्क टैंक इंडिया – दिव्यांग स्पेशल’ एपिसोड के साथ इतिहास रच रहा है, जो अब भारतीय सांकेतिक भाषा में उपलब्ध होगा। यह अनूठी पहल यह सुनिश्चित करती है कि उद्यमिता से जुड़ी प्रेरणा और अवसर सचमुच हर किसी की पहुँच में हों। शो की यह कोशिश समावेशन के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस पहल की अगुवाई कर रहे हैं सुलभता के प्रबल पक्षधर आलोक केजरीवाल, जो इंडिया साइनिंग हैंड्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उनकी मौजूदगी यह संदेश देती है कि हर उद्यमी को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। यह खास गेटवे टू शार्क टैंक इंडिया – दिव्यांग स्पेशल, भारतीय सांकेतिक भाषा व्याख्या के साथ, अब केवल सोनी लिव पर देखें!
भारतीय सांकेतिक भाषा की व्याख्या के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए आलोक केजरीवाल ने कहा, “सच्चा समावेश केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसमें बाधाओं को तोड़ना और यह सुनिश्चित करना शामिल होता है कि हर व्यक्ति, चाहे उसकी कोई भी क्षमता हो, बराबरी से अवसरों तक पहुँच पाए। ‘शार्क टैंक इंडिया – दिव्यांग स्पेशल’ एपिसोड में भारतीय सांकेतिक भाषा की व्याख्या इस दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे हर उद्यमी की सोच को देखा, सुना और समझा जा सकेगा।”
यह एपिसोड उन दिव्यांग उद्यमियों और उनके साथ काम कर रहे लोगों को मंच उपलब्ध कराता है, जो दूसरों को सशक्त बना रहे हैं। इस पहल को समर्थन मिला है अदाणी एयरपोर्ट्स के निदेशक जीत अदाणी का, जो न सिर्फ ऐसे कारोबारों का मार्गदर्शन करते हैं बल्कि सुलभता पर केंद्रित समाधानों के लिए आर्थिक सहयोग भी देते हैं। उनकी भागीदारी से महत्वाकांक्षा और अवसर के बीच की दूरी कम होती है और सुलभता के साथ-साथ प्रगति को भी बढ़ावा मिलता है।
‘गेटवे टू शार्क टैंक इंडिया – दिव्यांग स्पेशल’ एपिसोड वास्तव में एक बदलाव लाने वाला मंच साबित हुआ है, जहाँ दिव्यांग उद्यमियों को अपने विचारों को पूरे देश के सामने रखने का अवसर मिला। अब जब इस एपिसोड में सांकेतिक भाषा की सुविधा भी जोड़ी गई है, तो यह मंच भारतीय मनोरंजन जगत में सुलभता के एक नए मानक की स्थापना कर रहा है। यह सिर्फ प्रतिनिधित्व भर नहीं, बल्कि एक ऐसे समावेशी भविष्य की ओर कदम है, जहाँ हर आवाज को महत्त्व दिया जाए और हर सपने को उड़ान मिले।