Happy Birthday Nawazuddin: जब बनना पड़ा वॉचमैन, जानिये ‘मांझी’ के संंघर्ष की कहानी

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मुंबई, 19 मई: कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियां ‘वो आदमी नहीं मुकम्मल बयान है, माथे पे उस के चोट का गहरा निशान है’ एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर बखूबी जमती हैं। संघर्ष कर बॉलीवुड में पहुंचने वाले नवाजुद्दीन आज जाने माने अभिनेता

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