
मुम्बई,समाचार10India। ‘महावतार नरसिम्हा’ के बाद, जिसे होम्बले फिल्म्स ने पेश किया था और कलीम प्रोडक्शन ने बनाया था, अब ‘महावतार परशुराम’ इस सात-भागों वाले महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स की दूसरी किस्त के रूप में सामने आ रही है। भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित इस ग्रैंड यूनिवर्स को होम्बले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शन मिलकर तैयार कर रहे हैं।_आखिरकार इंतज़ार खत्म हुआ! भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित सात-भागों वाला एनिमेटेड ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ अपनी दूसरी किस्त ‘महावतार परशुराम’ के साथ वापसी कर रहा है। होम्बले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शन की ‘महावतार नरसिम्हा’ की शानदार सफलता के बाद अब अगली बड़ी फिल्म की तैयारी है। मेकर्स ने फिल्म की पहली झलक एक रोमांचक पोस्टर के साथ शेयर की है, जो एक बेहतरीन विजुअल स्पेक्टेकल होने का वादा करती है। भारत के सबसे बड़े सिनेमैटिक यूनिवर्स का यह दूसरा हिस्सा अश्विन कुमार के निर्देशन में बन रहा है, जो आज के समय के बेहतरीन क्रिएटिव माइंड्स में से एक हैं।
महावतार नरसिम्हा’ को देखने के बाद से ही फैंस के बीच इसकी अगली फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह था। अब मेकर्स ने एक विजुअली शानदार पोस्टर के साथ इसका ऑफिशियल ऐलान कर दिया है। फिल्म की टैगलाइन है— “जहाँ धैर्य समाप्त होता है, वहाँ परशुराम का फरसा शुरू होता है!”—यह लाइन ही फिल्म के दमदार प्रभाव को बताने के लिए काफी है। इसके जरिए मेकर्स भगवान विष्णु के छठे अवतार, परशुराम की कहानी को भव्य और प्रभावशाली तरीके से पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह फिल्म दिखाएगी कि कैसे विष्णु जी ने उन भ्रष्ट और अहंकारी राजाओं के अत्याचार को खत्म करने के लिए अवतार लिया, जिन्होंने धर्म का रास्ता छोड़ दिया था।फिल्म की सांस्कृतिक और भावनात्मक नींव पर बात करते हुए प्रोड्यूसर विजय किरागांदुर ने कहा, “हमारी कहानियाँ ही हमारी ताकत हैं।
महावतार परशुराम के साथ हमारा लक्ष्य दर्शकों को अपनी जड़ों की शक्ति से फिर से जोड़ना है, और इसे एक ऐसे फॉर्मेट में पेश करना है जो आज की पीढ़ी को पसंद आए। यह विरासत, शक्ति और उद्देश्य की कहानी है।”‘महावतार नरसिम्हा’ ने अपने अद्भुत विजुअल्स की वजह से इसे भारत का सबसे बड़ा सिनेमैटिक यूनिवर्स बना दिया था। इसने एंटरटेनमेंट की दुनिया में एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव लाया और अब ‘महावतार परशुराम’ के साथ यह सफर एक अलग ही स्तर पर जाने वाला है। पहली फिल्म के दौरान थिएटर मंदिर बन गए थे, जहाँ लोग सिनेमा हॉल के बाहर जूते उतारकर प्रार्थना और भजन कर रहे थे। अब पूरा देश इस यूनिवर्स के अगले अध्याय के लिए तैयार है, जो बड़े पर्दे पर भारतीय कहानियों के असली प्रभाव को दिखाता है। यह फिल्म वाराणसी, रामायण और कल्कि 2898 AD जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की लिस्ट में शामिल हो गई है। KGF, सालार और कांतारा जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले होम्बले फिल्म्स की ओर से यह एक और बड़ी पेशकश है। अश्विन कुमार द्वारा निर्देशित इस फिल्म को होम्बले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शन के बैनर तले विजय किरागांदुर और शिल्पा धवन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि इसका संगीत सैम सीएस (Sam CS) ने दिया।

