
लखनऊ,यूपी-समाचार10 India। श्री शनिदेव जी महाराज न्याय के देवता हैं, और कर्मों के आधार पर व्यक्ति को फल देते हैं। शनि देव और हनुमान जी के बीच परम मित्र का रिश्ता है। यह मित्रता कई पौराणिक कथाओं पर आधारित है। जिनमें एक कथा के अनुसार हनुमान जी ने रावण की कैद से शनि देव को बचाया था। यह जानकारी देते हुए चौक कोतवाली स्थिति श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर के महंत विशाल गौड़ ने श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में श्री शनिदेव महाराज जी का 25 वां वार्षिकोत्सव समारोह में दी महंत ने बताया कि प्रात:काल श्री शनिदेव महाराज को गंगा जल से स्नान कराया गया। नये वस्त्र धारण कराने के बाद पूजा अर्चना के बाद भोग लगाया गया। सुबह 10 बजे से वेद पाठ, हवन पूजन का आयोजन वैदिक मंत्रों से किया गया। पूजा संपन्न होने के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उप मुख्यमंत्री, पूर्व मेयर राज्य सभा सांसद डा दिनेश शर्मा ने कहा एक अन्य मान्यता के अनुसार, शनि देव हनुमान जी के गुरु सूर्य देव के पुत्र हैं, और हनुमान जी भगवान शिव के अवतार होने के नाते शनि देव के गुरु भाई (या पुत्र) हैं। इस कारण से, हनुमान जी की पूजा शनि के दुष्प्रभाव को शांत करने और शनि दोष से मुक्ति पाने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है। समारोह में भाजपा नेता विनय कटियार ने आभार जताते हुए बताया कि ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार शनि जी को कृष्ण जी का अवतार माना जाता है, जहाँ कृष्ण कहते हैं कि वे “ग्रहों में शनि” हैं। उन्हें शनिश्वर भी कहा जाता है। इस अवसर पर स्थानिय पार्षद, श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े सेवादार अजय अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, आनंद रस्तोगी, अजय खन्ना, संदीप अग्रवाल, अंकुर दीक्षित, पंकज अग्रवाल, अवध अग्रवाल, आशीष मिश्रा, डॉ राज कुमार वर्मा, अनुराग मिश्रा, निखिल अग्रवाल, आचार्य राजेश शुक्ला, नीरज अवस्थी आदि भक्तगणों ने सहयोग किया। दोपहर बाद शुरू हुए भंडारे में भारी संख्या में श्रद्धालु ने प्रतिभाग कर प्रसाद ग्रहण किया।

